राजधानी गैरसैंण में कूड़ेदान गायब, कूड़ा हाजिर, सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल

गैरसैंण। प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में स्वच्छता व्यवस्था की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। नगर पंचायत कार्यालय से लगभग 100 मीटर की दूरी पर राष्ट्रीय राजमार्ग-109 के किनारे खुले में फैला कूड़ा प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है। सबसे हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान पर कूड़ा जमा हो रहा है, वहीं स्थानीय लोग और बाहर से आने वाले यात्री बसों व अन्य वाहनों की प्रतीक्षा भी करते हैं।
मौके पर कूड़ेदान की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग मजबूरी में सड़क किनारे ही कचरा फेंक रहे हैं। इससे क्षेत्र की स्वच्छता प्रभावित हो रही है और आसपास का वातावरण भी दूषित हो रहा है। आवारा पशु कूड़े में भोजन तलाशते हुए उसे इधर-उधर बिखेर रहे हैं, जिससे समस्या और गंभीर होती जा रही है। राहगीरों और स्थानीय लोगों को दुर्गंध तथा गंदगी के बीच इंतजार करना पड़ रहा है।
मानसून की दस्तक से पहले यह स्थिति और भी चिंताजनक मानी जा रही है। यदि समय रहते कूड़ेदान की समुचित व्यवस्था नहीं की
गई तो खतरा बढ़ सकता है। खुले में पड़ा कचरा नालियों के अवरुद्ध होने का कारण भी बन सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत को इस समस्या का शीघ्र समाधान करना चाहिए। नागरिकों ने सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त संख्या में कूड़ेदान स्थापित करने, नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की है, ताकि ग्रीष्मकालीन राजधानी की स्वच्छ और सुंदर छवि बरकरार रह सके।

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